गलत तरीके से पोहा खाने से शुगर बढ़ती है डॉ अर्चिता महाजन

गलत तरीके से पोहा खाने से शुगर बढ़ती है डॉ अर्चिता महाजन

डॉ अर्चिता महाजन न्यूट्रीशन डाइटिशियन एवं चाइल्ड केयर, मास्टर्स डिग्री इन फूड न्यूट्रिशन एंड डाइटिशियन,होम्योपैथिक फार्मासिस्ट एवं ट्रेंड योगा टीचर नॉमिनेटेड फॉर पद्म भूषण राष्ट्रीय पुरस्कार और पंजाब सरकार द्वारा सम्मानित और हिमाचल सरकार द्वारा सम्मानित और लेफ्टिनेंट गवर्नर लद्दाख श्री कविंदर गुप्ता जी द्वारा सम्मानित ने बताया कि पोहा एक हल्का, जल्दी पचने वाला और हमारे घरों में बेहद लोकप्रिय नाश्ता है, जो आमतौर पर प्याज, हल्दी और कभी-कभी मूंगफली के साथ बनता है। लेकिन इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स (GI), पोषण सामग्रि‍यों को समझे बिना इसे डायबिटीज डाइट में शामिल करना सही नहीं होगा।पोहा खाने से शुगर बढ़ सकती है क्योंकि यह कार्बोहाइड्रेट से भरपूर होता है, लेकिन इसे सही तरीके से (जैसे सब्जियों और प्रोटीन के साथ, कम मात्रा में और चीनी डाले बिना) खाने पर शुगर पर ज़्यादा असर नहीं पड़ता, क्योंकि इसमें फाइबर होता है और इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स (GI) भी मध्यम होता है, जो ब्लड शुगर को अचानक नहीं बढ़ाता है. यह चावल से बेहतर विकल्प है, लेकिन ज़्यादा खाने और गलत चीज़ें मिलाने से शुगर बढ़ सकती है, इसलिए सावधानी ज़रूरी है.
पोहा शुगर पर असर:बढ़ा सकता है: ज़्यादा मात्रा में या चीनी और प्रोसेस्ड चीज़ों के साथ खाने से शुगर बढ़ सकती है, क्योंकि यह चावल से बनता है और कार्बोहाइड्रेट से भरपूर है. नियंत्रित कर सकता है: फाइबर और प्रोटीन (सब्जियां, मूंगफली, दही) के साथ खाने पर शुगर कंट्रोल में मदद करता है और पाचन धीमा करता है.


शुगर कंट्रोल करने के लिए पोहा कैसे खाएं:सब्ज़ियाँ और प्रोटीन: पालक, गाजर, शिमला मिर्च, मटर, टोफू, या अंडे मिलाएं. पोहे में बीन्‍स, श‍िमला म‍िर्च, हरा धन‍िया, गाजर, टमाटर और प्‍याज को म‍िला सकते हैं। डायब‍िट‍िक मरीज पोहा खा रहे हैं, तो सावधान‍ियों का भी ख्‍याल रखें। पोहे में आलू को म‍िक्‍स न करें और रोस्‍टेड पीनट्स की मात्रा भी कम रखें। आजकर लोग पोहे में खीरा डालकर खाते हैं जो क‍ि एक अच्‍छा व‍िकल्‍प है। यह भी ध्‍यान रखें क‍ि पोहे की कुल मात्रा से तीन गुना ज्‍यादा सब्‍ज‍ियां, पोहे में मौजूद होनी चाह‍िए।फाइबर और हेल्दी फैट: मेवे, बीज, या एवोकाडो मिलाएं. चीनी न डालें: मीठा करने के लिए चीनी या मीठी चीज़ें न डालें. कम मात्रा में खाएं: इसे संतुलित भोजन का हिस्सा बनाएं. सही समय पर खाएं: देर रात खाने से बचें क्योंकि यह शुगर बढ़ा सकता है. ब्राउन पोहा चुनें: हो सके तो ब्राउन राइस पोहा चुनें.चावल और पोहा में क्या अंतर है?पोहा चावल से ही बनता है, लेकिन ये प्रोसेस्ड और हल्का होता है। चावल में पानी और स्टार्च ज्यादा होता है, जबकि पोहा में फाइबर थोड़ा ज्‍यादा और ग्लाइसेमिक इंडेक्स थोड़ा कम होता है।
पोहा कब नहीं खाना चाहिए?अगर ब्लड शुगर बहुत जल्दी बढ़ता है, तो बिना सब्जी या प्रोटीन मिलाए पोहा नहीं खाना चाहिए। साथ ही रात में या देर से पोहा खाना भारीपन या एसिडिटी की समस्‍या को बढ़ा सकता है। पोहा में शुगर होता है?पोहे में नेचुरल शुगर नहीं होती, लेकिन यह कार्बोहाइड्रेट्स से बना होता है जो शरीर में जाकर ग्लूकोज में बदलता है। इसलिए डायबिटिक लोगों को इसे संयम से खाना चाहिए।

Leave a Reply