राष्ट्रीय युवा दिवस पर स्वदेशी के समर्थन में युवाओं का जागरूकता अभियान, स्वामी विवेकानंद के विचारों से मिली प्रेरणा

राष्ट्रीय युवा दिवस पर स्वदेशी के समर्थन में युवाओं का जागरूकता अभियान, स्वामी विवेकानंद के विचारों से मिली प्रेरणा

स्वदेशी अपनाना ही सशक्त भारत की पहचान : डॉ. आशा शर्मा

वॉइस ऑफ़ बहादुरगढ़ न्यूज़:
बहादुरगढ़ ।
वैश्य आर्य शिक्षण महिला महाविद्यालय, बहादुरगढ़ में राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर वाईआरसी इकाइयों के संयुक्त तत्वावधान तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA), झज्जर की सहभागिता से “स्वदेशी अपनाओ – आत्मनिर्भर भारत बनाओ” अभियान के अंतर्गत रन फॉर स्वदेशी, जागरूकता रैली तथा पोस्टर अभियान का आयोजन किया गया। इस अवसर पर स्वयंसेविकाओं ने पूरे उत्साह और अनुशासन के साथ भाग लेते हुए आमजन को स्वदेशी वस्तुओं के उपयोग, स्थानीय उद्योगों के संरक्षण तथा देश की अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने का संदेश दिया।
राष्ट्रीय युवा दिवस, युवाओं के प्रेरणास्रोत स्वामी विवेकानंद जी की जयंती के रूप में मनाया जाता है। उनके ओजस्वी विचार— “उठो, जागो और लक्ष्य प्राप्ति तक रुको मत”— आज भी युवाओं को कर्मठता, आत्मविश्वास और राष्ट्रनिर्माण की दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं। इसी प्रेरणा को आत्मसात करते हुए स्वयंसेवकों ने नारों और पोस्टरों के माध्यम से स्वदेशी के महत्व को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया।

इस अवसर पर महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. आशा शर्मा ने स्वयंसेविकाओं को संबोधित करते हुए कहा, “स्वदेशी केवल एक विकल्प नहीं, बल्कि एक राष्ट्रीय संकल्प है। जब हम स्वदेशी वस्तुओं को अपनाते हैं, तो हम न केवल देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देते हैं, बल्कि अपने श्रमिकों, कारीगरों और किसानों के स्वाभिमान को भी सशक्त करते हैं।” उन्होंने कहा कि आज का युवा यदि स्वदेशी को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बना ले, तो भारत विश्व में एक मजबूत और आत्मविश्वासी राष्ट्र के रूप में उभरेगा तथा राष्ट्रीय युवा दिवस युवाओं को अपने कर्तव्यों और सामाजिक जिम्मेदारियों का बोध कराता है।
इसी क्रम में सभी स्वयंसेविकाओं ने स्वदेशी उत्पादों के उपयोग, स्थानीय उद्यमों को प्रोत्साहित करने और समाज में निरंतर जागरूकता फैलाने की शपथ ली साथ ही इस अवसर पर स्वयंसेविकाओं को सामाजिक उत्तरदायित्व और सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करने हेतु एक लघु चलचित्र भी दिखाया गया। इस चलचित्र के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति की समय पर सहायता से उसकी जान बचाई जा सकती है तथा प्रत्येक नागरिक का यह नैतिक कर्तव्य है कि वह ऐसे पीड़ित की मदद के लिए आगे आए। साथ ही स्वयंसेविकाओं को वाहन चलाते समय सीट बेल्ट के अनिवार्य उपयोग, मोबाइल फोन का प्रयोग न करने तथा यातायात नियमों के पालन के महत्व से भी अवगत कराया गया। इस जागरूकता गतिविधि ने युवाओं में मानवता, संवेदनशीलता और जिम्मेदार नागरिक बनने की भावना को और अधिक सुदृढ़ किया।


कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य स्वामी विवेकानंद जी के आदर्शों को आत्मसात करते हुए युवाओं में राष्ट्रप्रेम, आत्मनिर्भरता, नैतिक मूल्यों और सामाजिक चेतना का विकास करना रहा। इस आयोजन ने यह संदेश स्पष्ट किया कि संकल्पित और जागरूक युवा ही राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य की नींव रखते हैं।

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