संस्थान में युवाओं को निशुल्क प्रशिक्षण देने की बेहतरीन सुविधाएं : डीसी
कौशल विकास के साथ रोजगार की गारंटी का लाभ उठाएं बेरोजगार युवक- युवती

वॉइस ऑफ़ बहादुरगढ़ न्यूज़:
बहादुरगढ़ ।
डी सी स्वप्निल रविंद्र पाटिल ने बुधवार को फुटवियर पार्क में स्थापित फुटवियर डेवलपमेंट संस्थान का दौरा किया। इस दौरान एसडीएम अभिनव सिवाच, बीसीसीआई के प्रधान सुभाष जग्गा,पदाधिकारी नरेंद्र छिकारा, विकास सोनी सहित अन्य उद्यमी मौजूद रहे। डीसी ने संस्थान में मौजूद प्रशिक्षण सुविधाओं, लैब सहित अन्य सुविधाओं की जानकारी ली।
बीसीसीआई प्रधान सुभाष जग्गा ने डीसी को जानकारी देते हुए बताया कि बहादुरगढ़ फुटवियर पार्क में देश का लगभग 63 प्रतिशत नॉन लेदर फुटवियर का प्रोडक्शन होता है। केवल बहादुरगढ़ फुटवियर उद्योग ने लगभग साढ़े तीन लाख लोगों को रोजगार दिया हुआ है। प्रोडक्शन की गुणवत्ता बढ़ाने और कौशलयुक्त कर्मियों की कमी को पूरा करने के लिए सरकार के सहयोग से एफडीआई संस्थान खोला गया है।
इसमें हर वर्ष 15 हजार युवाओं का कौशल विकास रोजगार की शत-प्रतिशत गारंटी के साथ किया जाता है। प्रशिक्षण अवधि के दौरान युवाओं को यातायात और भोजन की निशुल्क सुविधा है। नरेंद्र छिकारा ने बताया कि लैब में देश भर से फुटवियर क्वालिटी चेक के लिए आते हैं।

बीसीसीआई पदाधिकारियों ने बताया कि संस्थान में लैब टेकनिशियन, सिलाई ऑपरेटर, फुटवियर कटर, फुटवियर डिजाइनिंग, जूता निर्माण, कंप्यूटर प्रशिक्षण, अंग्रेजी बोलचाल प्रशिक्षण, एकाउंटिंग व टैली प्रशिक्षण, वेबसाइट डिजाइनिंग प्रशिक्षण की सुविधा निशुल्क है। प्रशिक्षण की अवधि दो से तीन महिने की है। प्रशिक्षण उपरांत सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त प्रमाण पत्र, और, ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग के दौरान भत्ता भी दिया जाता है।
उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण 18 से 45 वर्ष की आयु तक, प्रशिक्षण की अवधि दो से तीन माह की है। प्रशिक्षण के इच्छुक युवा को पंजीकरण के लिए अपना आधार कार्ड, शैक्षणिक प्रमाण पत्र, परिवार पहचान पत्र, बैंक पासबुक की प्रति और पासपोर्ट साइज के दो फोटो लाना जरूरी है। उपायुक्त ने जिलाभर के बेरोजगार युवाओं से आह्वान किया कि वे फुटवियर डेवलपमेंट संस्थान में अपना कौशल निखारकर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकते हैं,
क्योंकि प्रशिक्षण उपरांत शत-प्रतिशत रोजगार की गारंटी है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा बेरोजगार युवाओं को इस बारे में ग्राम स्तर पर जागरूक किया जाएगा ताकि ज्यादा से ज्यादा सख्यां में बेरोजगार युवा आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकें। इस दौरान जीएम डीआईसी संजीत कौर भी मोजूद रहीं।

