मिशन नशा मुक्त हरियाणा हो हमारा संकल्प – कार्यकारी निदेशक
एफडीडीआई रोहतक में नव युवा छात्र संसद का समापन

वॉइस ऑफ़ बहादुरगढ़ न्यूज़ :
रोहतक
सोमवार को रोहतक के आईएमटी स्थित फुटवियर डिज़ाइन एंड डेवलपमेंट इंस्टिट्यूट(एफडीडीआई ) में नव युवा फाउंडेशन द्वारा नव युवा छात्र संसद का आयोजन कराया गया। इस संसद का विषय रहा ‘ सुरों में ज़हर : यह सदन मानता है कि लोकप्रिय संगीत नशे को बढ़ावा देकर उसे युवाओं में स्वीकार्य बना रहा है ’ इस दौरान जिलेभर के शैक्षणिक संस्थानों से तक़रीबन 150 युवाओं ने इस संसद में प्रतिभाग किया। प्रतिभागियों को सभापति, उप सभापति, प्रधानमंत्री , नेता प्रतिपक्ष , संसदीय कार्यमंत्री समेत तमाम संसदीय पोर्टफोलियो स्क्रीनिंग के माध्यम से बांटे गए।एफडीडीआई रोहतक की कार्यकारी निदेशक श्रीमती सरिता दुहन ने इस अवसर पर अपने प्रेरक संदेश में कहा, “नशा ही युवा जीवन का सबसे बड़ा शत्रु है। एफडीडीआई रोहतक अपने छात्रों को न केवल डिज़ाइन और उद्यमिता के कौशल से सशक्त बनाता है, बल्कि उन्हें सामाजिक जिम्मेदारी का भी बोध कराता है। फुटवियर और टेक्सटाइल क्षेत्र में सरकारी नीतियाँ जैसे पीएलआई योजना और गुणवत्ता मानक युवाओं के लिए रोज़गार और निर्यात अवसरों के द्वार खोल रहे हैं, जिनका लाभ उठाने के लिए कौशल विकास अनिवार्य है।” नव युवा फाउंडेशन के निदेशक प्रवीण कुमार ने बताया कि कार्यक्रम के उद्घाटन समारोह की अध्यक्षता भारतीय कबड्डी टीम के पूर्व कप्तान एवं अर्जुन अवार्डी दीपक निवास हुडा ने की , उन्होंने राष्ट्रीय युवा दिवस के मौके पर आयोजित तिरंगा यात्रा को प्रांगण से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया और छात्र संसद के प्रथम सत्र को सम्बोधित किया। सदन में बहस की शुरुआत प्रश्न काल से हुई जहाँ सदन में सांसदों द्वारा निम्न प्रश्न उठाये गए : क्या संगीत में नशे को सफलता, ताकत और मर्दानगी से जोड़ना युवाओं को गलत रोल मॉडल देता है?क्या सोशल मीडिया और रील-संस्कृति ने नशे से जुड़े गीतों के प्रभाव को कई गुना बढ़ा दिया है?क्या बार-बार सुनने से नशे की गंभीरता के प्रति संवेदनहीनता (desensitization) बढ़ती है?जब लोकप्रिय संगीत नशे को सामान्य बनाता है, तो क्या फैशन, डिज़ाइन और क्रिएटिव स्किल्स जैसे क्षेत्र युवाओं के लिए एक सकारात्मक वैकल्पिक पहचान बना सकते हैं?क्या FDDI जैसे संस्थान जो कौशल, रचनात्मकता और इंडस्ट्री-एक्सपोज़र देते हैं, युवाओं लिए थैरेप्यूटिक आउटलेट बन सकते हैं?क्या क्रिएटिव डिज़ाइन और स्किल ट्रेनिंग नशा-मुक्ति और पुनर्वास के दौरान आत्मसम्मान और आत्मविश्वास बहाल करने में मदद कर सकती है?क्या युवाओं में नशे की प्रवृत्ति के लिए संगीत को दोषी ठहराना एक सरलीकृत दृष्टिकोण नहीं है?क्या परिवार, शिक्षा, बेरोज़गारी और मानसिक स्वास्थ्य जैसे कारक संगीत से अधिक प्रभावशाली नहीं हैं?क्या कलाकारों की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सामाजिक नैतिकता थोपना उचित है?क्या बेरोज़गारी, मानसिक तनाव और सामाजिक असुरक्षा नशे के प्रमुख कारण नहीं हैं?क्या लोकप्रिय संगीत को दोष देना नीति-निर्माताओं की विफलताओं से ध्यान हटाने का तरीका नहीं है?क्या युवाओं को यह सिखाना ज़्यादा ज़रूरी नहीं कि वे कंटेंट को कैसे समझें, बजाय इसके कि वे क्या देखें या सुनें?प्रश्नकाल के दौरान सांसदों में तीखी बहस हुई जिसके चलते सदन को एक बार स्थगित भी करना पड़ा, इस दौरान विपक्ष के संसद वैल में आकर नारेबाजी करने लगे और सरकार से जवाब मांगने लगे। इस दौरान सदन में विशेष व्याख्यान के तहत रोहतक पुलिस के एएसआई मोहन ने टीम के साथ आकर युवाओं में बढ़ते नशे के रोकथाम सम्बन्धी कदम समझाए जिसे सदन ने अपना सम्पूर्ण समर्थन दिया। प्रश्न काल के तुरंत बाद शुन्य काल आरम्भ हुआ जिसमें सदन के सदस्य हर्ष पांडे द्वारा फुटवियर और टेक्सटाइल क्षेत्र में सरकारी नीतियों के विषय को उठाया गया जिसके बाद सदन में विकसित भारत में कौशल विकास और एफडीडीआई जैसे संस्थानों के योगदान पर चर्चा हुई। संसद के समापन के दौरान सांकेतिक तौर पर कार्यकारी निदेशक FDDI सरिता दुहान ने स्पीकर की कुर्सी संभाली। उनके सामने सदन के पटल पर छात्र संसद के सांसदों द्वारा मिशन नशा मुक्त हरियाणा के तहत प्रस्ताव लाया गया की देश व प्रदेश के युवाओं को नशे के विरुद्ध जागरूक करेंगे , जिसे धाविनिमत के माध्यम से पूर्ण बहुमत द्वारा पारित कर दिया गया। निम्न अवार्ड दिए गए:बेस्ट डेलिगेट: नरेंद्र मोदी (मंदीप)बेस्ट रीसर्चर : राजीव चंद्रशेखर (हर्ष पाण्डेय)बेस्ट मिमिक्री : कंगना राणावत (महक)बेस्ट मेंबर (सत्ता-पक्ष) : चिराग पासवान (अमित)बेस्ट मेंबर (विपक्ष) : मल्लिकार्जुन खरगे (रूपेश)बेस्ट पोलिटिकल रेप्लिका : अनुराग ठाकुर ( जयंती)इस अवसर पर KVIC के निदेशक जितेंद्र ढुल,नव युवा फाउंडेशन से सुमित कुमार,प्रवीण कुमार,कीर्ति, पुनीत,ममता,वंदिता,मोहिनी,कृतिका,हर्ष,दिव्या व FDDI संकाय सदस्य संदीप कुमार, सचिन देसवाल, रामकेश,मनोज, डा अंशुल, प्रीति देवी मौजूद रहे।

